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कस्टम प्रिंटेड नोटबुक कवर: अपने डिज़ाइन की प्रिंटिंग कैसे होती है

डिस्ट्रीब्यूटर अपने डिज़ाइन में नोटबुक कवर कैसे छपवाए: क्या भेजना है, रोल का आर्टवर्क अलग क्यों होता है और आर्टवर्क में कौन सी गलतियों से बचें।

कस्टम प्रिंटेड नोटबुक कवर: रंग-बिरंगे कार्टून प्रिंट वाली नीली Combo शीट, साथ में उसके बॉक्स

कस्टम प्रिंटेड नोटबुक कवर की शुरुआत आपके आर्टवर्क से होती है। आप डिज़ाइन भेजें, या जो कवर आप अभी बेचते हैं उसकी फोटो ही भेज दें। हम Jagannath Polymers Pvt Ltd (JPPL) आपको बताएँगे कि यह हमारी फ़िल्म पर छप सकता है या नहीं, किस चौड़ाई और लंबाई में, और नए डिज़ाइन की कम से कम मात्रा कितनी होगी। फ़ाइनल आर्टवर्क पास होते ही उसे रोल पर छापकर आपकी चुनी हुई सीरीज़ में पैक कर दिया जाता है।

पहली बार कस्टम डिज़ाइन ऑर्डर करने वाले ज़्यादातर लोग एक बात नहीं सोचते। रोल, बुक कवर नहीं होता।

हर बच्चा रोल को अलग जगह से काटता है, इसलिए कैंची कहीं भी चले, डिज़ाइन ठीक दिखना चाहिए। इस लेख का ज़्यादातर हिस्सा इसी पर है, क्योंकि मेरे हिसाब से यही तय करता है कि कस्टम डिज़ाइन बिकेगा या नहीं।

कस्टम प्रिंटेड कवर कौन ऑर्डर करता है?

ज़्यादातर डिस्ट्रीब्यूटर और होलसेल डीलर। कुछ को ऐसा डिज़ाइन चाहिए जो उनके मार्केट में किसी और के पास न हो। कुछ अपने ब्रांड नाम से बेचते हैं। कुछ स्कूल सप्लायर्स को माल देते हैं, जो कवर पर स्कूल का नाम माँगते हैं।

यह रास्ता उस पेरेंट के लिए नहीं है जिसे बच्चे के नाम वाले दस कवर चाहिए, और न ही किसी एक दुकान के लिए। यह बात मैं साफ़ कहता हूँ, क्योंकि नए डिज़ाइन में पहला मीटर छपने से पहले सेटअप का काम होता है, और उस खर्च को ठीक-ठाक मात्रा पर बाँटना पड़ता है। छोटी ज़रूरत के लिए हमारे मौजूदा डिज़ाइन या प्लेन रंग ज़्यादा सही रहते हैं।

अभी हम कौन से प्रिंटेड डिज़ाइन बनाते हैं?

ये हमारे चालू प्रिंटेड डिज़ाइन हैं, सभी 50 micron या उससे ज़्यादा मोटाई में:

  1. Classic: ट्रांसपेरेंट BOPP पर मल्टीकलर प्रिंट। डिज़ाइन के बीच-बीच में नोटबुक का अपना कवर दिखता है।
  2. Combo: रंगीन BOPP पर मल्टीकलर प्रिंट। रंग की वजह से नीचे की नोटबुक नहीं दिखती।
  3. Lining: BOPP पर छपे लाइनिंग पैटर्न।
  4. Standard मल्टीकलर प्रिंट: 11 और 13 इंच में प्रिंटेड PP, ज़्यादातर किलो के भाव बिकता है।

ये सब आप हमारे प्रिंटेड नोटबुक कवर पेज पर देख सकते हैं। अगर इनमें से कोई आपकी पसंद के करीब है, तो वहीं से शुरू करें। ज़ीरो से नया डिज़ाइन बनाने के बजाय चालू डिज़ाइन में छोटा बदलाव करवाना अक्सर आसान रहता है।

रोल के आर्टवर्क का डिज़ाइन अलग क्यों होता है?

चलिए, हिसाब लगाकर दिखाता हूँ।

आर्टवर्क किसी डिज़ाइनर की पसंद से ज़्यादा इसी हिसाब से तय होता है।

लगभग 24 x 18 cm की आम नोटबुक के लिए लगभग 30 x 43 cm का टुकड़ा चाहिए, जिसमें हर तरफ़ 3 cm अंदर मुड़ता है। 14 इंच (355 mm) के रोल पर 30 cm रोल की चौड़ाई में आता है, और हर कवर रोल की लंबाई में लगभग 43 cm लेता है। यानी:

  1. चौड़ाई में 35.5 cm में से लगभग 5 cm कटकर निकल जाता है, और हर तरफ़ 3 cm और नोटबुक के अंदर मुड़ जाता है। रोल के किनारों के पास छपी चीज़ शायद कभी दिखे ही नहीं।
  2. लंबाई में कोई नहीं जानता कि कट कहाँ लगेगा। एक नोटबुक के सामने आपके डिज़ाइन का बायाँ आधा हिस्सा दिख सकता है और अगली पर दायाँ आधा।
  3. हर 43 cm के टुकड़े के बीच में नोटबुक की पीठ (स्पाइन) आती है। वहाँ बड़ा कैरेक्टर रखेंगे तो वह बीच से मुड़ जाएगा।

इसलिए रोल का अच्छा डिज़ाइन पूरे में फैला पैटर्न होता है। मोटिफ़ इतने छोटे रखें कि कट कहीं भी लगे, हर नोटबुक के सामने कई पूरे मोटिफ़ आ जाएँ। अपना ब्रांड नाम एक बार बड़ा छापने के बजाय छोटा और बार-बार दोहराएँ।

आपका आर्टवर्क देखकर हम ये दिक्कतें बता देंगे, लेकिन अगर आप शुरू से इनका ध्यान रखें तो बदलाव का एक राउंड बच जाता है।

पोस्टर की तरह बना आर्टवर्क, जिसमें बीच में एक बड़ी तस्वीर हो, रोल पर छपने के बाद लगभग हर नोटबुक पर टूटा-फूटा दिखता है। यह गलती कार्टन में पकड़ने से कहीं सस्ता है कि स्क्रीन पर ही पकड़ ली जाए।

ट्रांसपेरेंट फ़िल्म या रंगीन फ़िल्म?

यह चुनाव लुक को लोगों की सोच से ज़्यादा बदल देता है, और फ़िल्मों में फ़र्क क्या है, यह BOPP vs PP vs HM में समझाया गया है। मैं यह फ़ैसला आर्टवर्क से पहले करूँगा, बाद में नहीं।

ट्रांसपेरेंट फ़िल्म (Classic स्टाइल) में नोटबुक का अपना कवर ही बैकग्राउंड बनता है। भरे-भरे डिज़ाइन वाली नोटबुक के ऊपर भरा-भरा प्रिंट गड़बड़ दिख सकता है। प्लेन नोटबुक पर यह सबसे अच्छा लगता है।

रंगीन फ़िल्म (Combo स्टाइल) में हर नोटबुक का बैकग्राउंड फ़िल्म का रंग ही होता है, जिससे दुकान के डिस्प्ले में एक जैसा लुक आता है। रंगीन बेस पर स्याही सफ़ेद कागज़ या स्क्रीन से अलग दिखती है, इसलिए रंग पास करने से पहले उसी फ़िल्म पर मिलते-जुलते डिज़ाइन का छपा हुआ सैंपल ज़रूर देखें।

आर्टवर्क के टिप्स, जो दोबारा छपाई से बचाते हैं

  1. अगर वेक्टर फ़ाइल है तो वही भेजें (PDF, AI या CDR), फ़ॉन्ट को आउटलाइन में बदलकर। बात शुरू करने के लिए मोबाइल फोटो ठीक है, पर उससे छपाई नहीं होती।
  2. रंग रेफ़रेंस के रूप में बताएँ या मिलाने के लिए छपा हुआ सैंपल भेजें। लैपटॉप की स्क्रीन पर दिखा रंग, फ़िल्म पर वैसा ही नहीं आता।
  3. पूछें कि कोटेशन में कितने रंग शामिल हैं। ज़्यादा रंगों से दाम बदल सकता है, इसलिए पहले ही तय कर लें कि कौन से रंग सच में ज़रूरी हैं।
  4. बहुत पतली लाइनें और बहुत छोटे अक्षर न रखें। स्क्रीन पर साफ़ दिखने वाली बारीकी फ़िल्म पर शायद न टिके।
  5. वही छपवाएँ जो आपका अपना है। मशहूर कार्टून कैरेक्टर उनके मालिकों के होते हैं। जिस कैरेक्टर का लाइसेंस आपके पास नहीं, उसे किसी भी प्रिंटर से न छपवाएँ, हमसे भी नहीं।
  6. फ़ाइनल आर्टवर्क लिखित में पास करें। किसी भी प्रिंटर को सिर्फ़ ज़ुबानी "ठीक है" पर छपाई शुरू न करने दें।

कोटेशन के लिए क्या भेजूँ?

  1. आपकी फ़र्म का नाम, शहर और GST नंबर।
  2. डिज़ाइन या आर्टवर्क, या जो कवर आप अभी बेचते हैं उसकी फोटो।
  3. चौड़ाई, लंबाई और सीरीज़: एक बॉक्स में एक रोल, एक पॉलीबैग में पाँच रोल, या किलो के भाव Standard। हर सीरीज़ किस साइज़ में आती है, यह हमारे साइज़ और पैकिंग पेज पर दिया है।
  4. हर ऑर्डर की मात्रा, और साल में कितने ऑर्डर की उम्मीद है।
  5. माल आपके गोदाम में कब चाहिए।

हम बताते हैं कि क्या बना सकते हैं, और साथ में कोटेशन भेजते हैं।

बिना डिज़ाइन देखे बताया गया दाम सिर्फ़ अंदाज़ा होता है, इसलिए पहले डिज़ाइन भेजें। नए डिज़ाइन की कम से कम मात्रा उसी कोटेशन में, हर डिज़ाइन के हिसाब से पक्की की जाती है।

क्या प्रिंटिंग ज़रूरी है?

हमेशा नहीं। सच कहूँ तो मैं सबसे पहले यही सवाल पूछूँगा। डिस्ट्रीब्यूटर प्लेन रंग और अपनी पैकिंग से भी अपनी रेंज को अलग दिखा सकता है। हमारे स्टैंडर्ड सिंथेटिक रंग हैं ऑरेंज, पिंक, ब्लू, ब्राउन, व्हाइट और ग्रीन, और बाकी रंग ऑर्डर पर बन सकते हैं। ऐसा प्लेन रंग जो आपके मार्केट में कोई और डिस्ट्रीब्यूटर नहीं बेचता, कम सेटअप में प्रिंट जैसा ही काम कर सकता है।

दोनों में से जो भी चुनें, टाइमिंग मायने रखती है। कवर की सबसे ज़्यादा बिक्री फ़रवरी से जून तक होती है, स्कूल खुलने से पहले, और हमारी ज़्यादातर रेंज ऑर्डर पर बनती है। मार्च में ऑर्डर किया गया कस्टम डिज़ाइन आधा सीज़न गँवा देता है।

अपना आर्टवर्क हमें पूछताछ पेज से भेजें, मोबाइल फोटो भी चलेगी। मैं आपको ईमानदारी से बताऊँगा कि यह रोल के लिए सही है या नहीं, और अगर नहीं, तो क्या बदलना है। आप हमारे कस्टम प्रिंटिंग पेज पर भी और जानकारी पढ़ सकते हैं।

खरीदार अक्सर पूछते हैं

क्या नोटबुक कवर पर स्कूल का नाम या लोगो छप सकता है?

हाँ, किसी डिस्ट्रीब्यूटर के ज़रिए, जो हमें ऑर्डर देता है। नए डिज़ाइन की एक कम से कम मात्रा होती है, जो हम कोटेशन में बताते हैं। आर्टवर्क को छोटे-छोटे दोहराए गए पैटर्न में बनाएँ, क्योंकि हर बच्चा रोल को अलग जगह से काटता है।

क्या मैं अपने डिज़ाइन में थोड़ी मात्रा ऑर्डर कर सकता हूँ?

आम तौर पर इसमें फ़ायदा नहीं रहता। नए डिज़ाइन का एक कम से कम रन होता है। अगर आपको सिर्फ़ कुछ कार्टन चाहिए, तो हमारे मौजूदा Classic, Combo या Lining डिज़ाइन या कोई प्लेन रंग लें, और पैकिंग पर अपना लेबल लगाएँ।

प्रिंटेड कवर में कौन सी फ़िल्म लगती है?

हमारे Classic, Combo और Lining डिज़ाइन BOPP फ़िल्म पर छपते हैं: Classic ट्रांसपेरेंट फ़िल्म पर और Combo रंगीन फ़िल्म पर। मल्टीकलर प्रिंट वाले Standard रोल PP के होते हैं, 11 और 13 इंच में।

कस्टम ऑर्डर कितने पहले देना चाहिए?

फ़रवरी से काफ़ी पहले। कवर की सबसे ज़्यादा बिक्री फ़रवरी से जून तक होती है, हमारी ज़्यादातर रेंज ऑर्डर पर बनती है, और नए डिज़ाइन में प्रिंटिंग शुरू होने से पहले आर्टवर्क पास होने में भी समय लगता है।

नए सेशन के लिए नोटबुक कवर का स्टॉक भरना है?

हमें बताइए कि आपको कौन से डिज़ाइन, कितनी चौड़ाई और कितने कार्टन चाहिए, और आप किस इलाके में माल सप्लाई करते हैं। हम आम तौर पर एक कामकाजी दिन के अंदर स्टॉक और रेट बता देते हैं।

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