भारत में नोटबुक कवर मैन्युफैक्चरर कैसे चुनें: डिस्ट्रीब्यूटर्स के लिए चेकलिस्ट
स्टेशनरी डिस्ट्रीब्यूटर्स और होलसेल डीलर्स के लिए: नोटबुक कवर का बल्क ऑर्डर देने से पहले प्लांट, माइक्रोन, रोल साइज़, पैकिंग और सीज़न का स्टॉक ज़रूर चेक करें।

ज़्यादातर डिस्ट्रीब्यूटर नोटबुक कवर सप्लायर को प्रति रोल रेट देखकर चुनते हैं। मेरे हिसाब से शुरुआत यहाँ से नहीं करनी चाहिए। पहले चार बातें देखिए: कवर असल में बनाता कौन है, वह कितना मोटा है, रोल उसी साइज़ का है या नहीं जो बॉक्स पर छपा है, और क्या सप्लायर फरवरी में माल दे पाएगा, जब हर दुकान को एक साथ स्टॉक चाहिए होता है।
ये चार बातें ठीक हों तो रेट की बात आसानी से हो जाती है। ये गलत हों तो सस्ता रोल आपका पूरा सीज़न बिगाड़ देता है, और आपके रिटेलर्स का भी।
मैं Jagannath Polymers Pvt Ltd (JPPL) चलाता हूँ, और नोटबुक कवर हमारे मुख्य प्रोडक्ट्स में से एक है। हम इन्हें स्टेशनरी डिस्ट्रीब्यूटर्स और होलसेल डीलर्स को बेचते हैं, यानी वह ट्रेड जो दुकानों और स्कूल सप्लायर्स को माल देता है। इसलिए यह गाइड आपके लिए ही लिखी है। हाँ, इसमें मेरा अपना फ़ायदा भी है। लेकिन नीचे दी गई चेकलिस्ट किसी भी मैन्युफैक्चरर से बात करते समय काम आएगी, हमसे भी।
नोटबुक कवर मैन्युफैक्चरर चुनने से पहले क्या चेक करें?
अगर मैं डिस्ट्रीब्यूटर होता और सीज़न का माल खरीद रहा होता, तो यही लिस्ट इस्तेमाल करता, और इसी क्रम में सवाल पूछता।
- क्या उनका अपना प्लांट है? बहुत से विक्रेता असल में ट्रेडर होते हैं। इसमें कुछ गलत नहीं, लेकिन ट्रेडर आपके लिए माइक्रोन, चौड़ाई या प्रिंट नहीं बदल सकता। पूछिए कि फ़िल्म कहाँ बनती है और स्लिटिंग व रोलिंग कहाँ होती है। फ़ैक्टरी जाकर देख लेंगे तो सब साफ़ हो जाएगा।
- माइक्रोन कितना है, लिखित में? मोटाई कोटेशन और बिल पर लिखवाइए, सिर्फ़ फ़ोन पर नहीं। 50 माइक्रोन से कम की प्लास्टिक शीट भारत के नियमों पर खरी नहीं उतरती (इस पर आगे बात करेंगे)।
- असली चौड़ाई कितनी है? नोटबुक कवर की चौड़ाई इंच में बिकती है। मिलीमीटर में भी पूछिए। जैसे, हमारा 14 इंच का रोल 355 mm का है।
- असली लंबाई कितनी है? जिस बॉक्स पर 8 m लिखा है, उसमें 8 m ही होना चाहिए। एक सैंपल फ़र्श पर खोलिए और टेप से नाप लीजिए। दो मिनट लगते हैं।
- कौन सी फ़िल्म है? अच्छा मैन्युफैक्चरर फ़िल्म का नाम बताएगा: BOPP, PP या HM-HDPE। इन फ़िल्मों का लुक, हाथ में फ़ील और टिकाऊपन अलग-अलग होता है। HM फ़िल्म के बारे में हमारी गाइड सिंथेटिक बुक कवर क्या होता है में बताया गया है।
- पैकिंग कैसी है? पूछिए कि एक बॉक्स में कितने रोल, एक पैकेट में कितने बॉक्स, एक कार्टन में कितने पैकेट हैं, और कार्टन में एक ही कलर है या मिक्स। माल खोलते समय आपके गोदाम का स्टाफ़ आपको दुआ देगा।
- स्टॉक में क्या है और ऑर्डर पर क्या बनता है? ज़्यादातर कवर ऑर्डर पर बनते हैं। पूछिए कि कौन से आइटम साल भर स्टॉक में रहते हैं।
- क्या वे सीज़न संभाल पाएँगे? कवर सबसे ज़्यादा फरवरी से जून तक बिकते हैं। पूछिए कि भीड़ से पहले डिलीवरी के लिए आपका ऑर्डर कितना पहले चाहिए।
- क्या वे आपका डिज़ाइन प्रिंट कर सकते हैं? अगर आप अपने ब्रांड से बेचते हैं, तो कस्टम प्रिंटिंग के बारे में शुरू में ही पूछिए, ऑर्डर देने के बाद नहीं।
सैंपल खुद कैसे चेक करें?
कैटलॉग की फ़ोटो पर भरोसा मत कीजिए। दो-तीन सैंपल रोल मंगवाइए और पंद्रह मिनट उन्हें जाँचिए।
- मोटाई। फ़िल्म की एक परत को माइक्रोमीटर से तीन-चार जगह नापिए और औसत निकालिए। स्कूल वाला स्क्रू गेज 0.01 mm यानी 10 माइक्रोन तक नापता है, इसलिए बड़ा फ़र्क तो पकड़ लेगा, छोटा नहीं। 0.001 mm तक नापने वाला डिजिटल माइक्रोमीटर बेहतर है। दो परत वाले ट्यूब रोल को पहले काटकर खोल लीजिए, ताकि एक ही परत नापें।
- लंबाई। एक पूरा रोल खोलिए और एक सिरे से दूसरे सिरे तक नापिए।
- चौड़ाई। रोल की चौड़ाई मिलीमीटर में नापिए और बॉक्स पर लिखे साइज़ से मिलाइए।
- प्रिंट। प्रिंटेड कवर पर अंगूठे से प्रिंट को कुछ बार ज़ोर से रगड़िए। प्रिंट फ़िल्म पर ही रहना चाहिए, अंगूठे पर नहीं आना चाहिए।
- फ़िटिंग। अपनी सबसे ज़्यादा बिकने वाली साइज़ की एक नोटबुक पर कवर चढ़ाइए। अगर मोड़ पर कवर छोटा पड़ता है, तो आपके मार्केट के लिए चौड़ाई सही नहीं है।
अगर एक ही सप्लायर के दो सैंपल की लंबाई या माइक्रोन अलग निकले, तो बड़ा ऑर्डर देने से पहले वजह पूछिए।
क्या कानूनन 50 माइक्रोन का कवर ज़रूरी है?
हाँ, जहाँ तक प्लास्टिक शीट की बात है। जब सरकार ने प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स, 2016 जारी किए, तब प्रेस इन्फ़ॉर्मेशन ब्यूरो की 18 मार्च 2016 की रिलीज़ में कहा गया कि ये नियम कलेक्शन और रीसाइक्लिंग में मदद के लिए "प्लास्टिक शीट के लिए कम से कम 50 माइक्रोन की मोटाई तय करते हैं"।
हमारा हर कवर 50 माइक्रोन या उससे मोटा है। हमारे प्लेन सिंथेटिक कवर 70 माइक्रोन तक आते हैं, और एम्बॉस्ड Unique कवर 75 माइक्रोन का है।
2022 के प्लास्टिक बैन का क्या? 1 जुलाई 2022 से बैन हुए सिंगल-यूज़ प्लास्टिक आइटम की लिस्ट में बुक कवर शामिल नहीं थे। प्रेस इन्फ़ॉर्मेशन ब्यूरो की 13 अगस्त 2021 की रिलीज़ में यह लिस्ट दी गई है: प्लास्टिक स्टिक, कटलरी, स्ट्रॉ, पतले PVC बैनर, और मिठाई के डिब्बों व सिगरेट पैकेट पर लपेटी जाने वाली फ़िल्म जैसे आइटम। कुछ राज्यों के अपने अलग नियम भी हैं, इसलिए डिस्ट्रीब्यूटर को राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से भी पूछ लेना चाहिए।
ट्रेडर या मैन्युफैक्चरर: छोटे डीलर के लिए क्या फ़र्क पड़ता है?
सच कहूँ तो, हमेशा नहीं पड़ता। जो छोटा डीलर एक सीज़न में कुछ सौ रोल बेचता है, उसका काम अक्सर पास के किसी बड़े होलसेलर से अच्छे से चल जाता है, जो नज़दीक स्टॉक रखता है और भीड़ के बीच में भी आपको माल भर सकता है।
फ़र्क तब पड़ता है जब आप कार्टन में खरीदते हैं, अपने नाम से बेचते हैं, या हर साल एक तय माइक्रोन चाहिए। तब आपको उन लोगों से बात करनी चाहिए जो मशीनें चलाते हैं।
JPPL कौन है?
JPPL जयपुर, राजस्थान की एक फ़ैमिली-रन पैकेजिंग मैन्युफैक्चरिंग कंपनी है। कंपनी 1995 में शुरू हुई, 1997 से मैन्युफैक्चरिंग कर रही है, और 20+ देशों में एक्सपोर्ट करती है। हमारे नोटबुक कवर हमारे अपने प्लांट में बनते हैं और मुख्य रूप से स्टेशनरी डिस्ट्रीब्यूटर्स और होलसेल डीलर्स को बिकते हैं, जो अपने इलाके की दुकानों और स्कूल सप्लायर्स को माल देते हैं।
हम चार सीरीज़ में कवर बनाते हैं।
| सीरीज़ | क्या है | साइज़ | पैकिंग |
|---|---|---|---|
| Super Delux | बॉक्स वाला रोल, एक बॉक्स में एक | 14 इंच x 8 m | एक कार्टन में 200 रोल (Floura, Student JPPL और Unique में 180) |
| Delux | वही डिज़ाइन, बिना बॉक्स | 14 इंच, 2.5 से 5 m | एक पॉलीबैग में 5 रोल, एक कार्टन में 250 |
| Standard | दो परत वाली PP ट्यूब, ज़्यादातर किलो के हिसाब से बिकती है | 11, 13, 14, 16 इंच, 1.75 से 8 m | 18 kg या 16 kg के बैग, 10 के पैकेट |
| Supreme | चौड़ी PP शीट | 16 या 19 इंच, 3 m या 5 m | एक पाउच में 10, एक कार्टन में 350 |
हमारे सबसे ज़्यादा बिकने वाले कवर हैं Student JPPL, Unique, Floura और Clear। सारे डिज़ाइन आप हमारे नोटबुक कवर पेज पर देख सकते हैं, और कार्टन की जानकारी साइज़ और पैकिंग पेज पर।
जहाँ हम आपके लिए सही नहीं हैं
मैं अपनी सीमाएँ साफ़-साफ़ बता देता हूँ, क्योंकि इससे दोनों का समय बचता है।
हम पेपर कवर नहीं बनाते। क्यों नहीं बनाते, यह मैंने हम पेपर बुक कवर क्यों नहीं बनाते में बताया है। हम अपने रेट वेबसाइट पर नहीं डालते, क्योंकि फ़िल्म के दाम ऊपर-नीचे होते रहते हैं और वेबसाइट पर पुराना रेट किसी काम का नहीं। और हमारी ज़्यादातर रेंज ऑर्डर पर बनती है, इसलिए जो डिस्ट्रीब्यूटर अप्रैल में बड़ा ऑर्डर देने के लिए फ़ोन करता है, उसे आमतौर पर जनवरी में ऑर्डर देने वालों के बाद नंबर मिलता है। साल भर स्टॉक में सिर्फ़ दो आइटम रहते हैं: 11 इंच x 2 m और 13 इंच x 3 m के नैचुरल Standard रोल।
यह आखिरी बात मैं चाहता हूँ कि ज़्यादा से ज़्यादा डिस्ट्रीब्यूटर जानें। इस ट्रेड में दिसंबर में दिया गया ऑर्डर तय करता है कि मई में आपकी बिक्री कैसी होगी।
अगर आप अगले सीज़न की तैयारी कर रहे हैं, तो अपने साइज़, डिज़ाइन और अंदाज़न मात्रा हमारे कॉन्टैक्ट पेज से भेज दीजिए। हम बता देंगे कि हम क्या बना सकते हैं और कब तक।
खरीदार अक्सर पूछते हैं
क्या JPPL पेपर नोटबुक कवर बनाता है?
नहीं। हम सिर्फ़ प्लास्टिक कवर बनाते हैं, BOPP, PP और HM-HDPE फ़िल्म में, सभी 50 माइक्रोन या उससे मोटे। अगर आपके रिटेलर पेपर कवर ही चाहते हैं, तो हम आपके लिए सही सप्लायर नहीं हैं, और यह बात मैं पहले ही दिन साफ़ कहना पसंद करूँगा।
क्या डिस्ट्रीब्यूटर अपने डिज़ाइन में कवर बनवा सकता है?
हाँ। जो डिस्ट्रीब्यूटर अपने नाम से माल बेचते हैं, उनके लिए हम उनके डिज़ाइन की प्रिंटिंग करते हैं। अपना आर्टवर्क और जो साइज़ आप बेचते हैं, हमारे कस्टम प्रिंटेड नोटबुक कवर पेज से भेज दीजिए।
मुझे बस कुछ ही पैक चाहिए। क्या मैं फिर भी JPPL कवर खरीद सकता हूँ?
हाँ। हमारा सिस्टर ब्रांड PackSmith छोटे पैक ऑनलाइन बेचता है, इसलिए आपको पूरा कार्टन लेने की ज़रूरत नहीं है।
क्या भारत में 50 माइक्रोन का बुक कवर कानूनी है?
हाँ। प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स, 2016 में प्लास्टिक शीट के लिए कम से कम 50 माइक्रोन तय है, और 1 जुलाई 2022 से बैन हुए सिंगल-यूज़ आइटम की लिस्ट में बुक कवर शामिल नहीं थे। राज्य अपने अलग नियम भी बना सकते हैं, इसलिए शक हो तो अपने राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से पूछ लें।
